अक्षांश और देशांतर: पृथ्वी का ग्रिड सिस्टम

Holash kumar

अक्षांश और देशांतर: पृथ्वी का ग्रिड सिस्टम

(Latitude and Longitude: Earth's Coordinate System)

पृथ्वी पर किसी भी स्थान की पूर्ण अवस्थिति (Absolute Location) निर्धारित करने के लिए भूगोलवेत्ताओं ने काल्पनिक रेखाओं का एक जाल बनाया है, जिसे 'ग्रिड' (Grid) या 'जालतंत्र' कहते हैं। यह दो कोणीय दूरियों पर आधारित है।

भाग 1: अक्षांश (Latitudes) – जलवायु के निर्धारक

अक्षांश रेखाएँ पृथ्वी की सतह पर खींची गई क्षैतिज (Horizontal) काल्पनिक रेखाएँ हैं।

1. वैज्ञानिक परिभाषा और स्वरूप

  • कोणीय दूरी: अक्षांश वास्तव में पृथ्वी के केंद्र से विषुवत रेखा (Equator) के उत्तर या दक्षिण में स्थित किसी बिंदु की कोणीय दूरी है। इसे अंश (Degree), मिनट और सेकंड में मापा जाता है।
  • पूर्ण वृत्त: विषुवत रेखा को छोड़कर अन्य सभी अक्षांश रेखाएँ पूर्ण वृत्त होती हैं, जो ध्रुवों की ओर जाने पर छोटी होती जाती हैं।
  • संख्या का विवाद (UPSC विशेष):
    • यदि ध्रुवों (उत्तरी और दक्षिणी) को 'बिंदु' माना जाए (जो कि वे हैं), तो कुल अक्षांश रेखाएँ = 179 (89 + 89 + 1) हैं।
    • यदि ध्रुवों को 'रेखा' मान लिया जाए, तो संख्या 181 होती है।
  • दूरी में सूक्ष्म अंतर: 1° अक्षांश की औसत दूरी 111 कि.मी. होती है। लेकिन पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है (Geoid है), इसलिए यह दूरी ध्रुवों पर थोड़ी बढ़ जाती है (111.7 कि.मी.) और विषुवत रेखा पर थोड़ी कम (110.6 कि.मी.) होती है।

2. महत्त्वपूर्ण अक्षांश और उनका विश्लेषण

A. विषुवत रेखा / भूमध्य रेखा (0^\circ)

  • वृहत् वृत्त (Great Circle): यह पृथ्वी को दो बराबर गोलार्द्धों में बांटती है। यह पृथ्वी पर खींचा जा सकने वाला सबसे बड़ा वृत्त है।
  • गुरुत्वीय प्रभाव: पृथ्वी के उभार (Bulge) के कारण यहाँ केंद्र से सतह की दूरी सर्वाधिक होती है, परिणामस्वरूप यहाँ गुरुत्वाकर्षण बल न्यूनतम होता है (उपग्रह प्रक्षेपण के लिए आदर्श स्थान)।
  • कठोर सत्य: यहाँ दिन और रात सदैव बराबर होते हैं और 'शीत ऋतु' कभी नहीं आती।

B. अश्व अक्षांश (Horse Latitudes) – 30^\circ से 35^\circ (N & S)

  • अवधारणा: यह एक उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Sub-tropical High Pressure Belt) है। यहाँ विषुवत रेखा से उठी हुई हवा ठंडी होकर नीचे उतरती है (Subsidence of air)।
  • प्रभाव: हवा के नीचे उतरने से यहाँ मौसम साफ और शांत रहता है। वर्षा के लिए आवश्यक 'संवहन' नहीं हो पाता, इसीलिए दुनिया के अधिकांश गर्म मरुस्थल इसी अक्षांश के आसपास (महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर) पाए जाते हैं।
  • इतिहास: प्राचीन काल में जब जहाज इस शांत क्षेत्र में फंस जाते थे, तो नाविक अपने जहाज का भार कम करने और पीने का पानी बचाने के लिए घोड़ों को समुद्र में फेंक देते थे।

भाग 2: देशांतर (Longitudes) – समय के निर्धारक

देशांतर रेखाएँ उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाने वाली लंबवत (Vertical) रेखाएँ हैं।

1. मुख्य विशेषताएँ

  • अर्द्धवृत्त: अक्षांशों के विपरीत, देशांतर रेखाएँ पूर्ण वृत्त नहीं होतीं, वे अर्द्धवृत्त होती हैं।
  • अभिसरण (Convergence): ये समानांतर नहीं होतीं। दो देशांतरों के बीच की दूरी विषुवत रेखा पर सर्वाधिक (111.32 कि.मी.) होती है और ध्रुवों की ओर घटते हुए शून्य हो जाती है।
  • गोर (Gore): दो देशांतर रेखाओं के बीच के क्षेत्र को 'गोर' कहा जाता है।

2. प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian - 0^\circ)

  • यह रेखा ग्रीनविच (लंदन) से गुजरती है। 1884 में वाशिंगटन डी.सी. में हुए सम्मेलन में इसे सर्वसम्मति से 'शून्य देशांतर' चुना गया।
  • महत्त्व: यह विश्व के मानक समय (GMT/UTC) और दिनांक का आधार है।
  • विस्तार: यह 8 देशों से गुजरती है: यूके, फ्रांस, स्पेन (यूरोप), अल्जीरिया, माली, बुर्किना फासो, टोगो, घाना (अफ्रीका) और अंटार्कटिका।

भाग 3: समय की गणना और मानक समय

(Time Calculation Mechanism)

पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व घूमती है, जिससे समय की गणना का निम्नलिखित नियम बनता है:

गणितीय सूत्र:
  • पृथ्वी का एक चक्कर = 360^\circ = 24 घंटे।
  • 1 घंटा = 15^\circ देशांतर।
  • 1^\circ देशांतर = 4 मिनट।
नियम (Golden Rule):
  • ग्रीनविच (0^\circ) से पूर्व (East) जाने पर प्रत्येक डिग्री पर 4 मिनट जोड़ें (+)।
  • ग्रीनविच (0^\circ) से पश्चिम (West) जाने पर प्रत्येक डिग्री पर 4 मिनट घटाएं (-)।

उदाहरण: यदि लंदन (GMT) में दोपहर के 12 बज रहे हैं, तो भारत (82^\circ30' E) में समय क्या होगा? 82.5 \times 4 = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट。 चूँकि भारत पूर्व में है, अतः समय आगे होगा = शाम के 5:30।

भाग 4: अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line - IDL)

180^\circ देशांतर को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा माना जाता है। यह एक अत्यंत रोचक अवधारणा है।

तिथि परिवर्तन का विरोधाभास:

  • पश्चिम से पूर्व की यात्रा (एशिया से अमेरिका): यदि कोई व्यक्ति IDL को पार करके अमेरिका की ओर जाता है, तो उसे एक दिन का लाभ होता है (वह उसी तारीख को दोबारा जीता है)।
  • पूर्व से पश्चिम की यात्रा (अमेरिका से एशिया): यदि कोई व्यक्ति IDL पार करके एशिया (जापान/रूस) की ओर जाता है, तो उसका एक दिन कम (Loss of a day) हो जाता है।

टेढ़ी-मेढ़ी रेखा (Zig-Zag Line):

IDL 180^\circ पर सीधी नहीं है, इसे तीन जगहों पर मोड़ा गया है ताकि एक ही देश या द्वीप समूह में दो अलग-अलग तारीखें न हो जाएं:

  • बेरिंग जलसंधि: साइबेरिया (रूस) और अलास्का (USA) को अलग रखने के लिए।
  • फिजी और टोंगा: दक्षिण प्रशांत महासागर में द्वीपीय देशों को एक ही समय क्षेत्र में रखने के लिए।

भाग 5: प्रारंभिक परीक्षा हेतु अति-विशिष्ट तथ्य (High Yield Facts)

UPSC अक्सर तथ्यों को क्रॉस-लिंक करके प्रश्न पूछता है। यहाँ कुछ विशिष्ट बिंदु दिए गए हैं:

  • शून्य-शून्य का मिलन: 0^\circ अक्षांश (विषुवत रेखा) और 0^\circ देशांतर (प्रधान याम्योत्तर) का मिलन बिंदु अटलांटिक महासागर में 'गिनी की खाड़ी' (Gulf of Guinea) में स्थित है। यह घाना के दक्षिण में है।
  • नदियों का भूगोल:
    • कांगो (जायरे) नदी: विषुवत रेखा को दो बार काटती है।
    • लिम्पोपो नदी: मकर रेखा को दो बार काटती है।
    • माही नदी (भारत): कर्क रेखा को दो बार काटती है।
  • अफ्रीका की विशिष्टता: यह एकमात्र महाद्वीप है जिससे तीनों मुख्य रेखाएँ (कर्क, मकर और विषुवत) गुजरती हैं।
  • वृहत् वृत्त (Great Circle) मार्ग: नाविक और विमान चालक लंबी दूरी की यात्रा के लिए 'वृहत् वृत्त' (Great Circle) का अनुसरण करते हैं क्योंकि यह पृथ्वी के वक्र पृष्ठ पर किन्हीं दो बिंदुओं के बीच की न्यूनतम दूरी होती है।

UPSC CSE Mains के लिए "अक्षांश और देशांतर" विषय से संबंधित 3 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: समय क्षेत्र और मानव संसाधन (Time Zones & Human Capital)

Q1. "भारत के विस्तृत अनुदैर्ध्य विस्तार (Longitudinal Extent) को देखते हुए, 'एकल मानक समय' (Single Standard Time) की व्यवस्था न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के 'सर्कैडियन रिदम' (Circadian Rhythm) और कार्य उत्पादकता के विरुद्ध है।" इस कथन के आलोक में, भारत में 'दो समय क्षेत्रों' (Two Time Zones) की आवश्यकता और चुनौतियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर की रूपरेखा (Synopsis):
  • परिचय (Introduction):
    • तथ्य: भारत का विस्तार 68^\circ 7' E (गुजरात) से 97^\circ 25' E (अरुणाचल) तक है, जो लगभग 29^\circ का अंतर है।
    • प्रभाव: इसका अर्थ है लगभग 2 घंटे का समयांतर। जब अरुणाचल में सूर्योदय होता है, गुजरात में रात होती है, फिर भी घड़ी एक ही समय (IST - 82.5^\circ E) दिखाती है।
  • मुख्य भाग (Body):
    • समस्या (The Issue):
      • सर्कैडियन रिदम: पूर्वोत्तर भारत में कार्यालय/स्कूल सुबह 10 बजे खुलते हैं (IST के अनुसार), तब तक वहाँ दिन का एक बड़ा हिस्सा (Productive hours) बीत चुका होता है। इससे शरीर की जैविक घड़ी (Body Clock) प्रभावित होती है।
      • ऊर्जा अपव्यय: शाम को जल्दी अंधेरा होने के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है।
      • चायबागान समय (Chaibagan Time): अनौपचारिक रूप से असम के चाय बागान IST से 1 घंटा पहले चलते हैं, जो आधिकारिक समय की विफलता का प्रमाण है।
    • चुनौतियां (Why Govt resists?):
      • रेलवे दुर्घटनाएं: दो समय क्षेत्र होने पर ट्रेनों के क्रॉसिंग में मानवीय भूल (Human Error) से दुर्घटनाओं का जोखिम।
      • प्रशासनिक अराजकता: बैंकिंग, ग्रिड और सीमा सुरक्षा में समन्वय की समस्या।
      • राजनीतिक एकता: एक समय क्षेत्र को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता है।
  • निष्कर्ष एवं समाधान (Conclusion/Way Forward):
    • CSIR-NPL का सुझाव: दो समय क्षेत्र (IST-I और IST-II) लागू करना।
    • वैकल्पिक समाधान: कार्य-समय (Office timings) को बदलना। केवल घड़ी बदलने से बेहतर है कि पूर्वोत्तर में काम का समय 1-2 घंटे पहले शुरू किया जाए।

प्रश्न 2: वृहत् वृत्त और रणनीतिक भूगोल (Great Circles & Strategic Geography)

Q2. "मरकेटर प्रक्षेप (Mercator Projection) पर जो सीधा मार्ग (Rhumb Line) प्रतीत होता है, वह वास्तव में सबसे लंबी दूरी हो सकता है, जबकि 'वृहत् वृत्त' (Great Circle) सबसे छोटा मार्ग प्रदान करता है।" इस भौगोलिक सिद्धांत का उपयोग करते हुए विश्लेषण करें कि पिघलता हुआ आर्कटिक महासागर और 'ध्रुवीय मार्ग' (Polar Routes) वैश्विक विमानन और नौसैनिक रणनीति को कैसे बदल रहे हैं?

उत्तर की रूपरेखा (Synopsis):
  • परिचय (Introduction):
    • अवधारणा: पृथ्वी एक गोला (Sphere) है। समतल नक्शे (Map) पर दो बिंदुओं को जोड़ने वाली सीधी रेखा (Rhumb Line) लंबी होती है, जबकि पृथ्वी की वक्रता पर खींचा गया चाप (Great Circle) सबसे छोटा रास्ता होता है।
  • मुख्य भाग (Body):
    • विमानन में उपयोग (Aviation Application):
      • उदाहरण: दुबई से सैन फ्रांसिस्को जाने वाला विमान अटलांटिक महासागर के ऊपर से नहीं, बल्कि उत्तरी ध्रुव (North Pole) के ऊपर से उड़ता है। यह Great Circle मार्ग है जो ईंधन और समय बचाता है।
    • आर्कटिक का भू-राजनीतिक बदलाव:
      • ग्लोबल वार्मिंग से आर्कटिक की बर्फ पिघल रही है।
      • NSR (Northern Sea Route): यूरोप और एशिया के बीच की दूरी (स्वेज नहर की तुलना में) 40% कम हो जाएगी क्योंकि यह मार्ग Great Circle के करीब है।
    • रणनीतिक निहितार्थ (Strategic Implications):
      • ICBM (मिसाइलें) भी Great Circle मार्ग अपनाती हैं। इसलिए अमेरिका और रूस के रडार सिस्टम (जैसे NORAD) ध्रुवीय क्षेत्रों में तैनात हैं, न कि पूर्व-पश्चिम सीमा पर।
  • निष्कर्ष (Conclusion):
    • भूगोल की यह 'ज्यामिति' (Geometry) भविष्य के व्यापार मार्गों (Polar Silk Road) और युद्धनीति का निर्धारण कर रही है, जिसके लिए भारत को भी अपनी आर्कटिक नीति (Arctic Policy) को सुदृढ़ करना होगा।

प्रश्न 3: अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा और प्रशांत महासागरीय राजनीति (IDL & Pacific Politics)

Q3. "अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) केवल एक कालानुक्रमिक विभाजक (Chronological Divider) नहीं है, बल्कि यह प्रशांत महासागरीय देशों के लिए आर्थिक और राजनीतिक संप्रभुता का प्रश्न है।" समोआ (Samoa) और किरिबाती (Kiribati) द्वारा अपनी तिथि रेखा में किए गए बदलावों (Time Jumping) का उदाहरण देते हुए इस कथन की व्याख्या करें।

उत्तर की रूपरेखा (Synopsis):
  • परिचय (Introduction):
    • 180^\circ देशांतर (IDL) एक सीधी रेखा नहीं है। इसे देशों की सुविधा के अनुसार मोड़ा गया है। यह रेखा 'कल' और 'आज' को अलग करती है।
  • मुख्य भाग (Body):
    • आर्थिक कारण (Economic Reasons):
      • समोआ (2011 का बदलाव): समोआ पहले IDL के पूर्व में था (अमेरिका के समय के साथ)। लेकिन उसका मुख्य व्यापार ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड (एशिया) के साथ था। जब सिडनी में सोमवार होता था, समोआ में रविवार होता था। इससे व्यापार में 2 दिन का नुकसान होता था।
      • समाधान: समोआ ने IDL को अपने पूर्व में खिसका लिया और एक पूरा दिन (30 दिसंबर 2011) कैलेंडर से हटा दिया।
    • प्रशासनिक एकता:
      • किरिबाती का मामला: यह देश बहुत चौड़ा है। 1995 से पहले, इसके पश्चिमी द्वीप 'आज' में और पूर्वी द्वीप 'कल' में रहते थे। सरकारी कामकाज ठप हो जाता था।
      • किरिबाती ने IDL को 150^\circ W तक पूर्व में धकेल दिया (जो कि नक्शे पर एक हथौड़े जैसा दिखता है), ताकि पूरा देश एक ही तारीख में रहे।
  • निष्कर्ष (Conclusion):
    • यह सिद्ध करता है कि देशांतर रेखाएं मानव-निर्मित (Man-made) हैं और देश अपनी 'आर्थिक संप्रभुता' (Economic Sovereignty) और व्यापारिक हितों के लिए भूगोल के इन नियमों को संशोधित कर सकते हैं। यह भू-राजनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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